नागरिकता कानून पर PM मोदी बोले- जितना भी दबाव पड़े, हम कायम हैं और रहेंगे


 

नागरिकता कानून (CAA) पर पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि देश हित में ये फैसले जरूरी थे और दुनियाभर के दवाब के बावजूद इन फैसलों पर हम कायम हैं और कायम रहेंगे.

वाराणसी. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार को वाराणसी (Varanasi) के दौरे पर हैं. यहां चंदौली में उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महादेव के आशीर्वाद से देश आज वो फैसले ले रहा है जो पहले पीछे छोड़ दिए जाते थे. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला हो या फिर सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट. वर्षों से देश को इन फैसलों का इंतजार था. देश हित में ये फैसले जरूरी थे और दुनियाभर के दवाब के बावजूद इन फैसलों पर हम कायम हैं और कायम रहेंगे.

आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए कर रहे हैं काम
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने के लिए, उस तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है. लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं, देश बदल रहा है. जो आखिरी पायदान पर रहा है, उसे अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं.

पहली बार हुआ टैक्स कलेक्शन Faceless
GST लागू होने से देश के लॉजिस्टिक्स में व्यापक बदलाव आया है. अब इस बदलाव को और मजबूत किया जा रहा है. देश में पहली बार नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी तैयार की जा रही है. इससे लघु उद्योग और सशक्त होंगे. देश के Wealth Creators को अनावश्यक परेशानी ना हो, इसके लिए पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर बनाया जा रहा है. इससे टैक्सपेयर के अधिकार तय होंगे. टैक्स कलेक्शन को फेसलेस किया जा रहा है.

करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी
पीएम मोदी ने कहा, 'काशी में ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है. सबसे पहले मैं अध्यात्म के कुंभ में था. फिर मैं आधुनिकता के कुंभ में गया, बनारस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. अब मैं एक प्रकार से स्वरोजगार के कुंभ में पहुंच गया हूं.'
यहां भांति-भांति के कलाकार, शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं. एक-एक धागे को जोड़कर, मिट्टी के एक-एक कण को घटकर, बेहतरीन निर्माण करने वालों के साथ, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चलाने वाले, एक ही छत के नीचे बैठे हैं.

बदलाव जरूरी है
भारत की हमेशा से ही ये शक्ति रही है कि यहां के हर क्षेत्र, हर जिले की पहचान से कोई ना कोई विशेष कला, विशेष आर्ट और विशेष उत्पाद जुड़ा रहा है. ये सदियों से हमारे वहां परंपरा रही है. हमारे कारोबारियों, व्यापारियों ने इसका प्रचार दुनियाभर में किया है. बदलती दुनिया, बदलते समय, बदलती मांग के अनुसार इन उत्पादों में भी ज़रूरी बदलाव करें. इसके लिए इन पारंपरिक उद्योगों से जुड़े साथियों को ट्रेनिंग, आर्थिक मदद, नई तकनीक और मार्केटिंग की सुविधा देनी बहुत ज़रूरी है.

रिपोर्ट विपिन कुमार सोनी