मासूमों की जान से खिलवाड़! घुघली में बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे स्कूली वाहन

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मासूमों की जान से खिलवाड़! घुघली में बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे स्कूली वाहन
सड़क पर खुलेआम टूट रहे सुरक्षा नियम, आरटीओ और पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल

आनंद पब्लिक, महराजगंज

(शैलेंद्र शर्मा)

महराजगंज/घुघली। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के तमाम दावों के बीच घुघली क्षेत्र की सड़कों पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। निजी स्कूलों के नाम पर संचालित कई बसें, मैजिक और वैन बिना नंबर प्लेट के बच्चों को ढोते हुए सड़कों पर दौड़ रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कुछ वाहनों पर स्कूल का नाम तो दर्ज है, लेकिन उनकी नंबर प्लेट तक नजर नहीं आती।
नए और पुराने दोनों तरह के वाहनों के बिना नंबर प्लेट संचालित होने से उनकी वैधता और फिटनेस को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी कौन कर रहा है—यह बड़ा सवाल बन गया है।
पीली प्लेट गायब, सफेद प्लेट से बच्चों की ढुलाई
निजी वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन नियमों के मुताबिक निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। कई जगह सफेद नंबर प्लेट वाली वैन और मैजिक बच्चों को लेकर बेरोकटोक दौड़ती दिखाई देती हैं। सवाल यह है कि जब ऐसे वाहनों की पहचान और जांच संभव है तो प्रवर्तन कार्रवाई आखिर कहां है?
चालान के दावे, लेकिन सड़क पर वही पुराना खेल
प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर स्कूली वाहनों की जांच, चालान, सीज और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई के दावे किए जाते हैं। बावजूद इसके घुघली क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को ढोने वाले वाहन दिखाई देना इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा करता है।
अगर किसी वाहन के पास नंबर प्लेट ही नहीं है तो उसकी पहचान, पंजीकरण, फिटनेस, परमिट और बीमा की स्थिति की जांच कैसे हो रही है? और यदि जांच नहीं हो रही तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
हादसे के बाद जागेगा विभाग या पहले होगी कार्रवाई?
स्कूली वाहन में बैठे बच्चे सबसे संवेदनशील यात्री होते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों से समझौता महज यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मासूमों की जिंदगी के साथ गंभीर लापरवाही है। अभिभावक भी यह सवाल पूछने को मजबूर हैं कि जिस वाहन में उनका बच्चा रोज स्कूल जा रहा है, वह नियमों के मुताबिक सुरक्षित है भी या नहीं।
अब निगाह आरटीओ प्रवर्तन दल और पुलिस प्रशासन पर है। क्या घुघली क्षेत्र में संचालित सभी स्कूली वाहनों की व्यापक जांच होगी? क्या बिना नंबर प्लेट और निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे वाहनों पर तत्काल कार्रवाई होगी? या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?
बड़ा सवाल : बच्चों की सुरक्षा से बड़ा क्या?
बिना नंबर प्लेट स्कूली वाहन सड़क पर दौड़ रहा है तो जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। बच्चों की सुरक्षा के मामले में कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि सड़क पर दिखने वाली सख्त कार्रवाई जरूरी है।

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