कच्ची सड़क बनवाने की फरियाद पर बवाल, प्रधान पक्ष के दो लोगों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप पीड़िता की तहरीर से हड़कंप—“जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते” कहने का दावा

कच्ची सड़क बनवाने की फरियाद पर बवाल, प्रधान पक्ष के दो लोगों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
पीड़िता की तहरीर से हड़कंप—“जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते” कहने का दावा
आनंद पब्लिक, महराजगंज
(लालजी यादव)
पनियरा/महराजगंज। गांव में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की मांग करना एक परिवार को कथित तौर पर भारी पड़ गया। जंगल बड़हरा खास गांव की वंदना पत्नी रामबचन वर्मा ने पनियरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि कच्ची सड़क बनवाने की मांग से नाराज होकर ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने उनके दिव्यांग पति को सड़क पर घसीटकर लात-घूंसे और डंडे से पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को करीब 11 बजे सड़क बनवाने की मांग को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि इसी दौरान शिव कुमार यादव पुत्र रूपलाल और अभिमन्यु पुत्र शिव कुमार ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला कथित मारपीट में बदल गया। पीड़िता का दावा है कि उनके दिव्यांग पति को सड़क से घसीटा गया और लात-घूंसे व डंडे से हमला किया गया।
“मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते”—किसके भरोसे पर इतनी कथित दबंगई?
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान आरोपियों की ओर से धमकी दी गई—“जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और दबंगई के आरोपों से भी जुड़ जाता है।
तीखे सवालों के घेरे में मामला
▶ सड़क की मांग पर विवाद इतना क्यों बढ़ा?
▶ दिव्यांग व्यक्ति के साथ कथित मारपीट की नौबत कैसे आई?
▶ धमकी दिए जाने के आरोपों की पुलिस जांच कब पूरी होगी?
▶ क्या जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई होगी?
थाने पहुंची तहरीर, अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
पीड़िता ने पनियरा पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पनियरा थानाध्यक्ष के अनुसार तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मेडिकल कराया जा रहा है। जांच के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आनंद पब्लिक की पड़ताल का सवाल:
अगर एक दिव्यांग परिवार को सड़क की मांग के बदले कथित मारपीट और धमकी का सामना करना पड़ा है, तो गांव में आम आदमी अपनी बुनियादी समस्याएं आखिर किसके सामने रखे?
