गोरखपुर से परतावल के बीच बन रहे फोरलेन का निर्माण अब सीमेंट से नहीं तारकोल से होगा। सरकार के इस नए फैसले से न केवल सड़क की लागत कम हो जाएगी बल्कि समय भी कम लगेगा। अब यह सड़क अगले सितंबर माह तक बन कर पूर्ण हो जाएगी। इस आदेश के बाद उक्त मार्ग पर सीमेंट से सड़क बनाने का काम बंद हो जाएगा।
पूर्ववर्ती सरकार ने हर जिला मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ने का फरमान जारी किया था। इसी क्रम में गोरखपुर के असुरन चौक से परतावल तक फोरलेन बनाने का काम शुरु हुआ। असुरन से परतावल तक करीब 33 किलोमीटर फोरलेन निर्माण के लिए करीब तीन अरब का इस्टीमेट बनाया गया। सीमेंट से सड़क का निर्माण भी शुरु हो गया।
इसमें से असुरन से कतरारी तक करीब 21 किमी. फोरलेन बनाने का दायित्व पीडब्लूडी गोरखपुर तथा कतरारी से परतावल तक करीब 12 किमी. सड़क बनाने की जिम्मेदारी पीडब्लूडी प्रांतीय खंड महराजगंज को सौपी गई। दोनों ही जनपदों में काम शुरु हुआ। गोरखपुर जिले में काम कराने की गति तेज तो महराजगंज की गति धीमी देखने को मिली। सीमेंट से सड़क बनाने की समय सीमा मार्च 2019 निर्धारित था।
इस संबंध में पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि तारकोल से सड़क बनने से समय के साथ लागत में भी कमी आएगी। एक तरफ लागत जहां करीब 30 प्रतिशत कम हो जाएगी, वहीं समय भी करीब छह माह घट जाएगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY