सीएम योगी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर दिया जोर, कहा- दुनिया में निर्यात कर सकते हैं यूपी से शिक्षक


 

गोरखपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। हम यहां से दुनिया में शिक्षक निर्यात कर सकते हैं क्योंकि विदेशों में भारतीय शिक्षकों की मांग सबसे ज्यादा है। वैसे भी आज किसी देश-प्रदेश की ताकत का आकलन निर्यात के आधार पर होता है। बस हमें योग्य स्नातकों को भाषा के आधार पर प्रशिक्षित करना होगा। योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने हमेशा यह ध्यान दिया कि शिक्षण संस्थान अपनी गतिविधियों के माध्यम से अपनी छवि को इस रुप में प्रस्तुत करें जो दूसरों के लिए प्रेरणादायी बन सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिग्विजयनाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में ‘भारतीय संस्कृति के सांस्कृतिक मूल्य : महंत अवेद्यनाथ’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में वातानुकूलित पुस्तकालय एवं वाचनालय का लोकार्पण किया और परिसर में पौधे लगाए। इसके बाद स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के अंदर सबसे ज्यादा युवा उत्तर प्रदेश में निवास करते हैं।

इन युवाओं को जब भी मंच मिला, उन्होंने अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का लोहा मनवाया है। दुर्भाग्य है कि हमने कभी यहां के युवाओं की क्षमता को समझने का प्रयास नहीं किया। प्रदेश में जितने भी शिक्षण संस्थान हैं उन्हें एक सेल विकसित करना चाहिए। वह सेल देखे कि कौन से देश में किस भाषा के शिक्षक की जरूरत है। ऐसी भाषाओं को नियमित पाठ्यक्रम से जोड़े। स्नातक अभ्यर्थियों को तीन महीने की ट्रेनिंग देकर योग्य शिक्षक के लायक बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा भगवान बुद्ध के चलते बहुत सारे ऐसे देश हैं जिनका जुड़ाव यहां से है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राएं।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राएं। -

एकता ही हमारी संस्कृति का आधार
मुख्य वक्ता राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने कहा कि जितनी विविधता भारत में है उतनी दुनिया के किसी देश में नहीं है। फिर भी एकता ही हमारी संस्कृति का आधार है। बहुजन हिताय सर्वजन सुखाय हमारी संस्कृति के सूत्र हैं और जो ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ में विद्यमान थे। अध्यक्षीय संबोधन में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति के विकास व रक्षा में संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने महंत अवेद्यनाथ से जुड़े सामाजिक समरसता के कई दृष्टांतों की चर्चा कर उन्हें अजातशत्रु बताया। प्राचार्य प्रो. सुमित्रा सिंह ने महाविद्यालय के विकास की चर्चा कर अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन डॉ मधुसूदन सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. अमरेंद्र सिंह, प्रो. बीके सिंह, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. एनपी भोक्ता, प्रो. सुषमा पांडेय, प्रो. राजवंत राव, डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शैलजा सिंह, डॉ. गिरीश चंद पाठक आदि मौजूद रहे।

संगोष्ठी मे मंचासीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपस्थित छात्राएं।

संगोष्ठी मे मंचासीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपस्थित छात्राएं।- 

अनेकता में एकता ही भारतीय संस्कृति की विशेषता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकता में एकता ही भारतीय संस्कृति की विशेषता है। सत्य एक ही है, लेकिन उसे प्राप्त करने के मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ भारत की सनातन परंपरा के एक बहुत सुविज्ञ साधक थे। उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को बखूबी समझा और अपना पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए न्योछावर कर दिया।

उनके जीवन का ध्येय ही भारतीय संस्कृति की रक्षा करना था। यही वजह है कि पूरे देश के संतों ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए उन्हें अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक झंझावातों को झेलते हुए भारतीय संस्कृति आज भी दुनिया का मार्गदर्शन करने के लिए सीना ताने खड़ी है।

 

डीवीएन एलटी कॉलेज में पौधरोपण करते सीएम योगी।

डीवीएन एलटी कॉलेज में पौधरोपण करते सीएम योगी। -

प्रशिक्षित स्नातकों के परीक्षा परिणाम आइना हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। लेकिन जो तस्वीर हम लोगों के सामने आई वो चिंता की बात है। प्रशिक्षित स्नातकों की परीक्षा में 70 प्रतिशत फेल हो गए। यह हमारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को आइना दिखाता है कि स्कूल-कॉलेज तो खूब खोले गए लेकिन पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया।

रिपोर्ट पवन कुमार गुप्ता